शेर

मत कर मौहब्बत ये तुझे जीने नहीं देगी
सुकून से मरने नहीं देगी चैन से पीने नहीं देगी

तड़कती नस पर खंज़र से बार करती है
कुरेदेगी ज़ख्मों को हर पल मगर सीने नहीं देगी।
-ब्लेंक राइटर

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